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मैं विरह की वेदना लिखूँ , या मिलन की झंकार ... तू ही बता कैसे लिखूँ , थोड़े शब्दों में सारा प्यारमैंने तो रंग दिया खुद को हर रंग तेरे नाम से
मेरे दिल से पूछ इश्क किसे कहते हैं*सारी ज़िंदगी हम यही सोच कर गुज़ार देते हैं ?⏳*
*कि चार लोग क्या कहेंगे ?*?
*और चार लोग अंत में बस यही कहते हैं ?️?*
*राम नाम सत्य है ⚰️?*वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
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मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज़हार क्या करते,
खुद बने निशाना तो शिकार क्या करते,
मर गए पर खुली रखी आँखें,
इससे ज्यादा किसी का इंतजार क्या करते।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।न वो सपना देखो जो टूट जाये,
न वो हाथ थामो जो छूट जाये,
मत आने दो किसी को करीब इतना,
कि उसके दूर जाने से इंसान खुद से रूठ जाये।वो करीब ही न आये तो इज
About Life Partner Preferences:
मैंने तो रंग दिया खुद को हर रंग तेरे नाम से
मेरे दिल से पूछ इश्क किसे कहते हैंमैं विरह की वेदना लिखूँ , या मिलन की झंकार ... तू ही बता कैसे लिखूँ , थोड़े शब्दों में सारा प्यार*सारी ज़िंदगी हम यही सोच कर गुज़ार देते हैं ?⏳*
*कि चार लोग क्या कहेंगे ?*?
*और चार लोग अंत में बस यही कहते हैं ?️?*
*राम नाम सत्य है ⚰️?*
Moody ultra-realistic cinematic Holi portrait of a real person, captured in a professional studio setup. Fine colorful gulal powder exploding naturally around the face, with realistic particle size, gravity, and subtle motion blur. Deep dark background with soft texture (not pure black), creating strong separation from the subject. High-contrast cinematic lighting with a soft key light from one side and gentle rim light outlining the face. Sharp yet natural facial details with visible skin pores, fine hair strands, and authentic skin imperfections. Shot on a professional DSLR using an 85mm lens at wide aperture, shallow depth of field, creamy bokeh. Natural color grading, realistic shadows, HDR balance, no artificial glow, no plastic skin, no over-sharpening, true photorealism, 4K resolution.
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*सारी ज़िंदगी हम यही सोच कर गुज़ार देते हैं ?⏳*
*कि चार लोग क्या कहेंगे ?*?
*और चार लोग अंत में बस यही कहते हैं ?️?*
*राम नाम सत्य है ⚰️?*
Moody ultra-realistic cinematic Holi portrait of a real person, captured in a professional studio setup. Fine colorful gulal powder exploding naturally around the face, with realistic particle size, gravity, a